काका के चौपाल

Availability: In stock
₹75.00
-
+

Quick Overview

काका हाथरसी ने अपने जीवनकाल में हास्‍यरस को भरपूर जिया और काका हास्‍यरस आपस में इतने घुलमिल गए हैं कि हास्‍यरस कहते ही उनका चित्र सामने आ आता है। उन्‍होंने कवि सम्‍मेलनों, गोष्ठियों, रेडियो और टी.वी. के माध्‍यम से हास्‍य-‍कविता और साथ ही हिंदी के प्रसार में अविस्‍मरणीय योगदान दिया। उन्‍होंने साधारण जनता के लिए सीधी और सरल भाषा में ऐसी रचनाएं लिखीं, जिन्‍होंने देश और विदेश में बसे हुए करोड़ों हिन्‍दी-प्रेमियों के हृदय का छुआ। ‘काका की चौपाल’ एक नए ढंग की पुस्‍तक है, जिसमें गोष्ठियां सम्मिलित हैं। इन गोष्ठियों में श्रोताओं द्वारा समाज, राजनीति कला, धर्म संस्‍कृति और जीवन के अनेक पहलुओं पर पूछे गए प्रश्‍नों के उत्‍तर कविता के रूप में दिए गए है।
More Information
Name काका के चौपाल
ISBN 8171827543
Pages 152
Language Hindi
Author Kaka Hathrasi
Format Paperback
Kaka Ki Chaupal
  • Free Shipping on orders Above INR 600 Valid In India Only
  • Self Publishing Get Your Self Published
  • Online support 24/7 10am to 7pm+91-9716244500