जयशंकर प्रसाद ग्रंथावाली भाग 3

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कविवर जयशंकर प्रसाद का काव्य साहित्य प्रारम्भिक रचनाओं से कामायनी के शिखर तक अपने समय की साहित्यिक उपलब्धि रहा है तो भावी पीढ़ी के लिए अनुकरण का स्रोत और गंभीर रचना की प्रेरणा है। उनकी मुख्य रचनाओं में झरना, आंसू, लहर और कामायनी तो अधिक चर्चित रही ही हैं। प्रारम्भिक रचनाएं भी उस काल के काव्य-शैशव और उसके सौष्ठव की अभिव्यक्ति करती हैं।
More Information
Name जयशंकर प्रसाद ग्रंथावाली भाग 3
ISBN 8128806602
Pages 360
Language Hindi
Author Jai Shankar Prasad
Format Paperback
कविवर जयशंकर प्रसाद का काव्य साहित्य प्रारम्भिक रचनाओं से कामायनी के शिखर तक अपने समय की साहित्यिक उपलब्धि रहा है तो भावी पीढ़ी के लिए अनुकरण का स्रोत और गंभीर रचना की प्रेरणा है। उनकी मुख्य रचनाओं में झरना, आंसू, लहर और कामायनी तो अधिक चर्चित रही ही हैं। प्रारम्भिक रचनाएं भी उस काल के काव्य-शैशव और उसके सौष्ठव की अभिव्यक्ति करती हैं।
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