Gayatri : Jeevan Ka Aadhar & Rogopachar Hindi

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Quick Overview

 ाायत्री के विषय में बहुत से ग्रंथ लिखे गए हैं, जिनमें गायत्री की प्रशंसा एवं महत्व का गुणगान किया गया है। प्राचीन ऋषियों ने तो सम्पूर्ण जीवन ही गायत्रीमय माना है। गायत्री के 24 अक्षरों के आधार पर समस्त ग्रंथों की रचना हुई है, परंतु कालांतर में कुछ लोभी स्वार्थी व्यक्तियों ने अपने श्लोक उनमें भर दिए। इस कारण आज ग्रंथों में द्विअर्थी अथवा जाति एवं मत विशेष का समर्थन दिखता है। अतः लम्बे समय तक लोग गायत्री को भूले रहे और अनेक नवीन मत, मतांतर, संगठन, सम्प्रदाय खडे़ हो गए। आज स्थिति यह है कि स्वार्थवाद पनप रहा है, लोग धर्म के नाम पर लड़ रहे हैं। ऐसी स्थिति से व्यक्तियों को मात्र गायत्री का तत्व दर्शन ही छुटकारा दिला सकता है।
इस पुस्तक में गायत्री के बारे में पूर्ण जानकारी एवं गायत्री मंत्र, तंत्र, यंत्र द्वारा रोगोपचार की सलाह दी गयी है। गायत्री साधना के द्वारा अनिष्ट निवारण एवं अभिष्ट की सिद्धि सम्भव है।

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Name Gayatri : Jeevan Ka Aadhar & Rogopachar Hindi
Pages 152
Language Hindi
Author Dr. Vineet Vidhyarthi
Format Paperback
DPB code DB07626
Gayatri : Jeevan Ka Aadhar & Rogopachar Hindi
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