चित्र-विचित्र

Availability: In stock
₹75.00
-
+

Quick Overview

हास्‍य लिखने के लिए तो आपको हास्‍य समझना आना चाहिए फिर उसे शब्‍दों में ढालना आना चाहिए और मंच पर हैं तो उसे सुनाना भी आना चाहिए और इन सबसे बढ़कर अगर अपने पर पड़े तो उसे बर्दाश्‍त करना भी आना चाहिए। नीरज पुरी में यह गुण मौजूद हैं और जब तक यह गुण मौजूद उनकी लेखनी से लगातार हास्‍य-व्‍यंग की धारा प्रवाहित होती रहेगी। विगत वर्षों में अपनी अलग पहचान बनाना, बहुत कठिन हो गया है। परन्‍तु सुखद स्थिति यह है कि श्री नीरजपुरी ने अपनी अलग पहचान बना ली है। इसी पहचान को सार्थकता प्रदान करने की दृष्टि से उन्‍होंने कविताओं के दूसरे संकलन (पहला “बूंदा-बांदी”) के प्रकाश का शुभ-संकल्‍प लिया है।
More Information
Name चित्र-विचित्र
ISBN 8128813900
Pages 160
Language Hindi
Author Neeraj Puri
Format Paperback
Chitra Vichitra
  • Free Shipping on orders Above INR 600 Valid In India Only
  • Self Publishing Get Your Self Published
  • Online support 24/7 10am to 7pm+91-9716244500