21 Shreshth Balman ki Kahaniyan : Jharkhand (21 श्रेष्ठ बालमन की कहानियां : झारखण्ड)

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भारत एक विशाल देश है, जिसमें अनेकों सभ्यताओं, परंपराओं का समावेश है। विभिन्न राज्यों के पर्व-त्योहार, रहन-सहन का ढंग, शैक्षिक अवस्था, वर्तमान और भविष्य का चिंतन, भोजन की विधियां, सांस्कृतिक विकास, मुहावरे, पोशाक और उत्सव इत्यादि की जानकारी कथा-कहानी के माध्यम से भी मिलती है। भारत के सभी प्रदेशों के निवासी साहित्य के माध्यम से एक-दूसरे को जानें, समझें और प्रभावित हो सके, ऐसा साहित्य उपलब्ध करवाना हमारा प्रमुख उद्देश्य है।
भारत की आजादी के 75 वर्ष (अमृत महोत्सव ) पूर्ण होने पर डायमंड बुक्स द्वारा 'भारत कथा माला' का अद्भुत प्रकाशन।

 

About the Author

नाम : डॉ. कविता विकास
मेरा जन्म 28 फरवरी, 1964 को राँची में हुआ है। विद्यालय काल से ही लिखने-पढ़ने में मेरा मन रमता था। बाद में इसी शौक ने बृहद रूप ले लिया और आज मैं कहानी-कविताएँ, लेख सभी कुछ लिख रही हूँ। देश-विदेश की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में अक्सर रचनाएँ छपती रहती हैं। अध्यापन से जुड़े होने के कारण बच्चों को करीब से परखने का मौका मिला है। उनके मनोविज्ञान को लेखन में बाँध कर समाज के सामने लाने की ईमानदार कोशिश की है, ताकि बच्चे-बड़े सभी कुछ सीख ले सकें। यह कहानी भी सच्ची घटना पर आधारित है।
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Name 21 Shreshth Balman ki Kahaniyan : Jharkhand (21 श्रेष्ठ बालमन की कहानियां : झारखण्ड)
ISBN 9789354868603
Pages 112
Language Hindi
Author Dr. Kavita Vikas
Format Paperback
UB Label New

भारत एक विशाल देश है, जिसमें अनेकों सभ्यताओं, परंपराओं का समावेश है। विभिन्न राज्यों के पर्व-त्योहार, रहन-सहन का ढंग, शैक्षिक अवस्था, वर्तमान और भविष्य का चिंतन, भोजन की विधियां, सांस्कृतिक विकास, मुहावरे, पोशाक और उत्सव इत्यादि की जानकारी कथा-कहानी के माध्यम से भी मिलती है। भारत के सभी प्रदेशों के निवासी साहित्य के माध्यम से एक-दूसरे को जानें, समझें और प्रभावित हो सके, ऐसा साहित्य उपलब्ध करवाना हमारा प्रमुख उद्देश्य है।
भारत की आजादी के 75 वर्ष (अमृत महोत्सव ) पूर्ण होने पर डायमंड बुक्स द्वारा 'भारत कथा माला' का अद्भुत प्रकाशन।

 

About the Author

नाम : डॉ. कविता विकास
मेरा जन्म 28 फरवरी, 1964 को राँची में हुआ है। विद्यालय काल से ही लिखने-पढ़ने में मेरा मन रमता था। बाद में इसी शौक ने बृहद रूप ले लिया और आज मैं कहानी-कविताएँ, लेख सभी कुछ लिख रही हूँ। देश-विदेश की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में अक्सर रचनाएँ छपती रहती हैं। अध्यापन से जुड़े होने के कारण बच्चों को करीब से परखने का मौका मिला है। उनके मनोविज्ञान को लेखन में बाँध कर समाज के सामने लाने की ईमानदार कोशिश की है, ताकि बच्चे-बड़े सभी कुछ सीख ले सकें। यह कहानी भी सच्ची घटना पर आधारित है।
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