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जंगली जानवर और आदमी

INR 150.00

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‘जंगल, जानवर और आदमी’ अपने शीर्षक में प्रयुक्‍त पूर्वा पर शब्‍दों की उत्‍तरोत्‍तर विकास-यात्रा है। यह एक ओर मानव की विकास-यात्रा के क्रम में अनेक रहस्‍यों का उद्घाटन करने वाला ग्रंथ है तो दूसरी ओर पर्यावरण-परिरक्षण एवं प्रदूषण-निवारण का तत्‍व-चिंतन भी है। यह कितनी बड़ी विडंबना है कि पशु आत्‍महत्‍या नहीं करते, जबकि मनुष्‍य करता है। मनुष्‍य मूलत शाकाहारी प्राणी है, किंतु दुर्भाग्‍य-वश वह मांसाहारी बन गया है। और उचित प्राकृतिक जीवन भूल गया हैं। आचार्य निशांतकेतु मूलत कवि और कथाकार हैं, आपने लघुकथा, संस्‍मरण, ललितनिबंध, आलोचना, पुस्‍तक-समीक्षा और साहित्‍येतिहास जैसी साहित्‍य विधाओं में विपुल साहित्‍य की रचना की है। बाल-साहित्‍य, भाषा-विज्ञान, वाग्ज्ञिान, भू-भाषिकी पाठाचेलन और व्‍याकरण जैसे विषयों पर भी आपके अनेक ग्रंथ प्रकाशित हैं।


राजेश शर्मा


जंगली जानवर और आदमी

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‘जंगल, जानवर और आदमी’ अपने शीर्षक में प्रयुक्‍त पूर्वा पर शब्‍दों की उत्‍तरोत्‍तर विकास-यात्रा है। यह एक ओर मानव की विकास-यात्रा के क्रम में अनेक रहस्‍यों का उद्घाटन करने वाला ग्रंथ है तो दूसरी ओर पर्यावरण-परिरक्षण एवं प्रदूषण-निवारण का तत्‍व-चिंतन भी है। यह कितनी बड़ी विडंबना है कि पशु आत्‍महत्‍या नहीं करते, जबकि मनुष्‍य करता है। मनुष्‍य मूलत शाकाहारी प्राणी है, किंतु दुर्भाग्‍य-वश वह मांसाहारी बन गया है। और उचित प्राकृतिक जीवन भूल गया हैं। आचार्य निशांतकेतु मूलत कवि और कथाकार हैं, आपने लघुकथा, संस्‍मरण, ललितनिबंध, आलोचना, पुस्‍तक-समीक्षा और साहित्‍येतिहास जैसी साहित्‍य विधाओं में विपुल साहित्‍य की रचना की है। बाल-साहित्‍य, भाषा-विज्ञान, वाग्ज्ञिान, भू-भाषिकी पाठाचेलन और व्‍याकरण जैसे विषयों पर भी आपके अनेक ग्रंथ प्रकाशित हैं।

राजेश शर्मा

Additional Information

Name जंगली जानवर और आदमी
Author Nishantketu
pages 200
SKU 9788128817199
Language Hindi
Format Paperback
DPB code No
Price INR 150.00