Diamond books online

Skip to Main Content »

  • +91-9212716589
  • BUY DIAMOND BOOKS ONLINE          Free Shipping On Order Above INR 350 Valid In India Only
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

अथातो भक्ति जिज्ञासा भाग-2

अथातो भक्ति जिज्ञासा भाग-2

-
+
Rs 450.00
अथातोभक्तिजिज्ञासा अब भक्ति की जिज्ञासा। सोचा, विचारा, पर उससे जिज्ञासा पूरी नहीं होती। जिज्ञासा तो तभी पूरी होती है जब रोम-रोम में समा जाए, धड़कन-धड़कन में धड़के, श्‍वास-प्रश्‍वास में डोले। इन सूत्रों पर विचार और मनन करके ही जो रुक गया, वह जल सरोवर के पास पहुंचा और प्‍यासा रह गया। ये सूत्र ऐसे हैं कि तुम्‍हारे जीवन को सदा-सदा के लिए तृप्‍त कर दें। इनकी महिमा अपार है। पर इनके हाथ में भी नहीं है कि यदि तुम सहयोग न करो तो तुम्‍हें तृप्‍त कर सके। तुम्‍हारे सहयोग के बिना कुछ भी न हो सकेगा। तुम्‍हारी स्‍वतंत्रता परम है। प्रस्‍तुत पुस्‍तक ‘अथातोभक्ति जिज्ञासा’ भाग-2 में ओशो द्वारा ॠषिवर शांडिल्‍य के भक्ति सूत्रों पर दिए गए चालीस अमृत प्रवचनों में से दूसरे बीस प्रवचनों का संकलन
 

Additional Information

Name अथातो भक्ति जिज्ञासा भाग-2
Author Osho
pages 560
SKU 9798184193304
Language Hindi
Format Hard Bound
DPB code DB 01614
Price Rs 450.00
अथातोभक्तिजिज्ञासा अब भक्ति की जिज्ञासा। सोचा, विचारा, पर उससे जिज्ञासा पूरी नहीं होती। जिज्ञासा तो तभी पूरी होती है जब रोम-रोम में समा जाए, धड़कन-धड़कन में धड़के, श्‍वास-प्रश्‍वास में डोले। इन सूत्रों पर विचार और मनन करके ही जो रुक गया, वह जल सरोवर के पास पहुंचा और प्‍यासा रह गया। ये सूत्र ऐसे हैं कि तुम्‍हारे जीवन को सदा-सदा के लिए तृप्‍त कर दें।
Location

Address: X-30, Okhla Industrial Area,Phase-2,

New Delhi

India - 110020

Mail to: info@dpb.in

Phone: +91-11-40712200